जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy.

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Juice Therapy रस चिकित्सा जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy. जूस थेरेपी,  Juice therapy शरीर   के शुद्धिकरण, रोग मुक्ति और शक्ति स्फूर्ति व रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी के लिए जूस थेरेपी,  Juice therapy   बेजोड़ है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में यह प्राकृतिक उपचार अपनाने से कायाकल्प हो जाता है। दोस्तो आइये जाने कुछ चुनिंदा फल-सब्जियों द्वारा जूस थेरेपी, Juice therapy  के वारे में और उनसे क्या-क्या लाभ और हानि हो सकती है कैसे इसका सेवन करें : फल-सब्जियों के रस (Juice) या रसाहार द्वारा चिकित्सा प्रायः सभी रोगों में उपयोगी हो सकती है। लेकिन इसका प्रयोग किस रूप में किसको करना चाहिए, इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य जुड़े होते हैं। रसों का प्रयोग कब करें और कब नहीं करना चाहिए यह भी जानना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि विभिन्न रसों के गुण धर्म जानना।        रस या Juice का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायी है यह तो सभी जानते हैं, लेकिन साथ ही यह भी जान...

सुबह बिस्तर छोड़ने के बाद रहें ज्यादा सावधान। बिस्तर से उठने का सही तरीका। नुकसानदेह है उंगलियों को चटकाते रहना। उंगलियां चटकाने से नुकसान।

आइये जानते हैं क्या करना चाहिए बिस्तर छोड़ते समय।

सुबह का समय सेहत के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, इसीलिए हर तरह के ट्रीटमेंट में, चाहे वो माॅडर्न हो या फिर पुरानी पारंपरिक, सुबह बिस्तर से जल्दी उठने पर जोर दिया जाता है। लेकिन इस बात की जानकारी सभी को होनी चाहिए सुबह बिस्तर से उठने के बाद हमें क्या करना है और किन-किन गलतियों को नहीं करना है।

  • सुबह को नींद खुलने के बाद तुरंत खड़े होना व चलना ठीक नहीं है। अतः उठने के बाद बिस्तर पर ही अपनी मसल्स को घुमाएं, थोड़ी देर चुपचाप बैठे रहकर लंबे श्वास लें और गुनगुना या नार्मल पानी पिएं।
  • सुबह बिस्तर छोड़ने के बाद धीरे-धीरे चलें और तीन-चार बार बाॅडी को स्ट्रेच करें। दरअसल रातभर सोकर उठने के बाद हमारी मसल्स अकड़ जाती हैं। बाॅडी स्ट्रेच करने से इन्हें नाॅर्मल करने में मदद मिलती है।
  • सुबह बिस्तर से उठने के बाद सीधे अपने काम-काज में लगने की बजाय कुछ समय खुद को देना चाहिए। पूजा-अर्चना, मेडिटेशन, वाॅकिंग, भजन सुनना आदि से मूड ठीक रहता है और दिनभर काम-काज में दिलचस्पी बनी रहती है।
  • सुबह बिस्तर से उठने के साथ ही स्मोकिंग और चाय-काॅफी आदि लेने की आदत नुकसानदेह है। अतः ऐसी आदतों से दूर रहें और हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाएं।
  • कई लोग ब्रेकफास्ट नहीं करते, जोकि बहुत गलत आदत है। समय पर ब्रेकफास्ट न करने से मोटापा बढ़ता है, डायबिटीज का खतरा बढ़ता है और इम्यूनिटी पर भी बुरा असर पड़ता है। इसलिए सोकर उठने के एक-दो घंटे के भीतर ही हल्का हेल्दी ब्रेकफास्ट जरूर ले लेना चाहिए।


आइये जानते हैं क्यों है नुकसानदेह उंगलियों को चटकाते रहना।


कुछ लोगों में उंगलियों को चटकाते रहने की आदत इस कदर मिलती है कि वह थोड़ी-थोड़ी देर में ही ऐसा करते रहते हैं। यदि आप भी ऐसा करते हों, तो सावधान हो जाएं, नहीं तो कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल उंगलियां चटकाने की क्रिया मनोवैज्ञानिक रूप से व्यक्ति से जुड़ी होती है और इससे तनाव, जिज्ञासा आदि की मनःस्थिति में रहता महसूस होती है। हम एक-एक करके अपनी सारी उंगलियों को चटकाते हैं और हमें लगता है कि राहत मिल गयी, लेकिन धीरे-धीरे ऐसा करना हमारी आदत बन जाती है और फिर इसके नुकसान भुगतने पड़ जाते हैं। 
जिन लोगों में थोड़ी-थोड़ी देर में उंगलियां चटकाने की आदत पायी जाती है, उनकी उंगलियों की हड्डियों में हल्का-हल्का दर्द हो सकता है और आगे चलकर यह दर्द बहुत ज्यादा बढ़ सकता है, साथ ही चाय के कप, मोबाइल, पेन आदि पर उंगलियों की पकड़ भी कमजोर पड़ सकती है।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की हेल्थ पब्लिशिंग के अनुसार ये हड्डियां लिगामेंट से एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। इनके बीच श्लेष (synovial) होता है। उंगलियां चटकाने से इस श्लेष द्रव (synovial fluid) में मौजूद वायु के बुलबुले के रूप में फूटती है, जिससे स्पंदनात्मक आवाज पैदा होती है। यह फ्लुइड उंगलियां चटकाने से कम हो जाता है और हड्डियों के किनारों पर मौजूद टिश्यु नष्ट होने लगते हैं। ऐसी दशा में उंगलियों की क्षमता कम होने लगती है तथा पकड़ने की क्षमता प्रभावित होने के साथ ही उंगलियों में दर्द होने लगता है। अतः बेहतर यही होगा कि हम इस आदत से दूर रहें और यदि ऐसी कोई आदत हो, तो उसे छोड़ दें।


धन्यवाद!

Comments

  1. Nice
    https://shubhjankari.com/friendship-shayari-in-hindi/

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