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Showing posts from February, 2019

जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy.

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Juice Therapy रस चिकित्सा जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy. जूस थेरेपी,  Juice therapy शरीर   के शुद्धिकरण, रोग मुक्ति और शक्ति स्फूर्ति व रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी के लिए जूस थेरेपी,  Juice therapy   बेजोड़ है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में यह प्राकृतिक उपचार अपनाने से कायाकल्प हो जाता है। दोस्तो आइये जाने कुछ चुनिंदा फल-सब्जियों द्वारा जूस थेरेपी, Juice therapy  के वारे में और उनसे क्या-क्या लाभ और हानि हो सकती है कैसे इसका सेवन करें : फल-सब्जियों के रस (Juice) या रसाहार द्वारा चिकित्सा प्रायः सभी रोगों में उपयोगी हो सकती है। लेकिन इसका प्रयोग किस रूप में किसको करना चाहिए, इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य जुड़े होते हैं। रसों का प्रयोग कब करें और कब नहीं करना चाहिए यह भी जानना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि विभिन्न रसों के गुण धर्म जानना।        रस या Juice का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायी है यह तो सभी जानते हैं, लेकिन साथ ही यह भी जान...

उपवास एक कम्पलीट ट्रीटमेंट (Fasting A Comprehensive Treatment)

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उपवास एक कम्पलीट ट्रीटमेंट (Fasting A Comprehensive Treatment) उपवास तन-मन को पूरी तरह निरोग व ऊर्जावान रखने का सबसे अचूक उपाय है। विधिपूर्वक उपवास करने से कायाकल्प हो जाता है और उन बीमारियों से भी मुक्ति मिल जाती है, जिन्हें दुसाध्य कहा गया है  शरीर में विजातीय द्रव्य जमा होने से रोग उत्पन्न होते हैं और इन विजातीय द्रव्यों को निकालना ही प्राकृतिक चिकित्सा है। उपवास प्राकृतिक चिकित्सा की सर्वश्रेष्ठ, सरल तथा नि:शुल्क उपचार पद्धति है। यह शरीर की आंतरिक सफाई का सबसे बेहतर साधन है। उपवास रोगों के उपचार की वैज्ञानिक विधि है, जिसमें रोगी आवश्यकतानुसार कम या अधिक समय के लिए पानी को छोड़कर किसी प्रकार का ठोस आहार नहीं लेता है। उपवास द्वारा प्रकृति सबसे पहले शरीर से उन्हीं पदार्थों को बाहर निकालती है, जो रोग उत्पन्न करते हैं। उपवास से शरीर के सभी अंग-अवयवों को आराम मिलता है और आगे वे अधिक सक्षम होकर अपना कार्य करते हैं। उपवास शरीर रूपी मशीन के पाचन तंत्र को आराम देने के साथ-साथ उसकी ओवरहीलिंग भी करता है। उपवास द्वारा मन तथा शरीर का शोधन हो जाता है, सभी विषैले व विजातीय तत्व बाहर...

मजबूत बनाएं अपना इम्यून सिस्टम (Make Your Immune System Strong)

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मजबूत बनाएं अपना इम्यून सिस्टम (Make Your Immune System Strong)  हमेशा कमजोरी व थकान महसूस होना, बार-बार बीमार पड़ना, तनाव-चिड़चिड़ापन, सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों का जल्दी निशाना बन जाना, जल्दी ही किसी भी प्रकार के इंफेक्शन की चपेट में आ जाना आदि कुछ ऐसे सिम्पटम हैं, जो इम्यून सिस्टम की कमजोरी की ओर इशारा करते हैं। ऐसी दशा में अपनी इम्यूनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) में सुधार लाना बेहद जरूरी है। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर चुस्ती-फुर्ती बढ़ाने और निरोग रहने के लिए कुछ कारगर उपाय इस प्रकार हैं- 1. हेल्दी डेली रुटीन सेट करें  सुबह में समय पर जागना, रात में समय पर बिस्तर पर जाना, समय पर ब्रेकफास्ट, लंच व डिनर लेना, काम के बीच में भी हल्का ब्रेक लेते रहना, फिजिकली एक्टिव रहना-इन सबका हमारी सेहत से बड़ा गहरा रिश्ता है। अतः सबसे पहले अपने लिए एक हेल्दी डेली रुटीन सेट करके उसका सख्ती से पालन करें। 2. योग-व्यायाम करें  आज के मशीनीकरण के जमाने में ज्यादातर लोग एक ही जगह बैठकर अपनी ड्यूटी करते हैं और उनकी फिजिकल मूवमेंट न के बराबर होती है, जबकि फिट रहने के लिए फिजिक...

बिना दवा के पाएं डिप्रेशन से निजात

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बिना दवा के पाएं डिप्रेशन से निजात  डिप्रेशन   जैसे जटिल रोग से खुद को बचाए रखने या फिर शुरुआती अवस्था में ही इसेे कंट्रोल करने में हेल्दी लाइफ स्टाइल, हेल्दी खान-पान व योग की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि हम अपने खान-पान व रहन-सहन को लेकर सजग रहते हुए नियमित रूप से योग की कुछ चुनिंदा क्रियाओं का अभ्यास करते रहें, तो इससे शरीर के साथ-साथ मन भी पूरी तरह स्वस्थ रहता है और उमंग-उल्लास बना रहता है। मौजूदा दौर में डिप्रेशन का प्रकोप बहुत ज्यादा देखने को मिल रहा है। आज 10 में से 7 लोग डिप्रेशन या अवसाद के शिकार होते हैं। कंपटीशन, देखा-देखी, दिखावेबाजी के चलते नैतिक मूल्यों को खोकर भी आगे बढ़ने की होड़ तनावपूर्ण माहौल बना देती है। काम-काज के स्ट्रेस व दबाव (वर्कलोड) के चलते खान-पान, नींद व रहन-सहन (लाइफ स्टाइल) सब प्रभावित होते हैं। डिप्रेशन एक ऐसी समस्या है, जिसका कुछ लोगों को पता ही नहीं लग पाता कि वे इससे ग्रस्त हैं। यह एक मनोदैहिक विकार है। उदासी, थकान, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, दुख, गुस्सा, चिड़चिड़ापन, हताशा, आनंद देने वाली गतिविधियों में भाग न लेना, बहुत ...