Posts

Showing posts with the label Recipes

जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy.

Image
Juice Therapy रस चिकित्सा जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy. जूस थेरेपी,  Juice therapy शरीर   के शुद्धिकरण, रोग मुक्ति और शक्ति स्फूर्ति व रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी के लिए जूस थेरेपी,  Juice therapy   बेजोड़ है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में यह प्राकृतिक उपचार अपनाने से कायाकल्प हो जाता है। दोस्तो आइये जाने कुछ चुनिंदा फल-सब्जियों द्वारा जूस थेरेपी, Juice therapy  के वारे में और उनसे क्या-क्या लाभ और हानि हो सकती है कैसे इसका सेवन करें : फल-सब्जियों के रस (Juice) या रसाहार द्वारा चिकित्सा प्रायः सभी रोगों में उपयोगी हो सकती है। लेकिन इसका प्रयोग किस रूप में किसको करना चाहिए, इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य जुड़े होते हैं। रसों का प्रयोग कब करें और कब नहीं करना चाहिए यह भी जानना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि विभिन्न रसों के गुण धर्म जानना।        रस या Juice का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायी है यह तो सभी जानते हैं, लेकिन साथ ही यह भी जान...

भरवाँ केला बनाने की विधि, मटर व गाजर की सब्जी बनाने की विधि, दम आलू बनाने की विधि

Image
1. भरवाँ केला बनाने की विधि  सामग्री:- 200 ग्राम कच्चे केले, 200 ग्राम आलू, प्याज, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, हल्दी, नमक, जीरा, गर्म मसाला, धनिया, खटाई, घी आदि। विधि:- केलों को लेकर छील लीजिए और बीच से थोड़ा गूूूदा निकाल दीजिए। आलुुुओं को उबालकर व छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लीजिए। प्याज व  लहसुन को कढ़ाही में तल लीजिए। प्याज का रंग गुलाबी हो जाने पर कटे हुए आलुओं को डालकर सभी मसाले डाल दीजिए और थोडी देर तक भूनिए। अब केलों में आलू भरकर कढ़ाही में थोडा ज्यादा घी डालकर केलों को उसमें डालकर ढ़क दीजिए। मन्दी आँच पर पकाइए। और गल जाने पर उतार लीजिए। सावधानियाँ:- केलों का छिलका अच्छी तरह से थोड़ा मोटा उतारिए अन्यथा गलाने में परेशानी होगी तथा स्वाद में कसैलापन रहेगा। केलों के निकाले हुए भाग को भी आलुओं के साथ भून लीजिए । 2. आलू, मटर व गाजर की सब्जी बनाने की विधि सामग्री:- गाजर - 250 ग्राम, आलू - 250 ग्राम,  मटर के दाने - 1/2 कप,  टमाटर - 150 ग्राम,  हरी मिर्च - 2,  सरसों का तेल - 2 टेबल चम्मच,  हरा धनिया - 2 चम्मच (बारीक कट...

भोजन बनाने में ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें, व्यवहारिक ज्ञान तथा सावधानियाँ

Image
भोजन बनाने में ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें  प्रत्येक व्यक्ति जानता है कि भोजन बनाना एक अति आवश्यक, उपयोगी तथा महत्वपूर्ण है । इस पर ही भोजन की गुणवत्ता, स्वाद, पौष्टिकता तथा आकर्षण आदि निर्भर करते हैं। अतः आवश्यक है कि भोजन बनाने के कार्य को विशेष सावधानीपूर्वक सम्पन्न किया जाए तथा अभीष्ट परिणाम प्राप्त किए जायें। भोजन बनाने के सन्दर्भ में सदैव निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए - भोजन चाहे किसी भी विधि या माध्यम द्वारा बनाया जाए, प्रत्येक स्थिति में विभिन्न बर्तनों की आवश्यकता होती है। भोजन बनाने में बर्तनों का विशेष महत्व होता है। इस स्थिति में भोजन बनाते समय बर्तनों की सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। यदि बर्तनों का समुचित ध्यान न रखा जाए तो उनमें पकाया जाने वाला भोजन दूषित अथवा विषाक्त हो सकता है। पीतल के बर्तनों का विशेष रूप से ध्यान रखना आवश्यक होता है। इन बर्तनों में यदि ठीक प्रकार से कलई न हो तो उस स्थिति में इनमें पकाया जाने वाला भोजन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक एवं विषाक्त भी हो सकता है। भोजन बनाने वाले व्यक्ति का स्वच्छ रहना तथा इस कार्य में सहायता ...