Posts

Showing posts from April, 2023

जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy.

Image
Juice Therapy रस चिकित्सा जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy. जूस थेरेपी,  Juice therapy शरीर   के शुद्धिकरण, रोग मुक्ति और शक्ति स्फूर्ति व रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी के लिए जूस थेरेपी,  Juice therapy   बेजोड़ है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में यह प्राकृतिक उपचार अपनाने से कायाकल्प हो जाता है। दोस्तो आइये जाने कुछ चुनिंदा फल-सब्जियों द्वारा जूस थेरेपी, Juice therapy  के वारे में और उनसे क्या-क्या लाभ और हानि हो सकती है कैसे इसका सेवन करें : फल-सब्जियों के रस (Juice) या रसाहार द्वारा चिकित्सा प्रायः सभी रोगों में उपयोगी हो सकती है। लेकिन इसका प्रयोग किस रूप में किसको करना चाहिए, इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य जुड़े होते हैं। रसों का प्रयोग कब करें और कब नहीं करना चाहिए यह भी जानना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि विभिन्न रसों के गुण धर्म जानना।        रस या Juice का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायी है यह तो सभी जानते हैं, लेकिन साथ ही यह भी जान...

श्वास संस्थान के रोगों की चिकित्सा (Treatment of diseases of the respiratory system.)

Image
 श्वास संस्थान के रोगों की चिकित्सा (Treatment of diseases of the respiratory system.) कास, खाँसी (COUGH) रोग परिचय, लक्षण एवं कारण:- खाँसी स्वयं में कोई रोग नहीं हैं बल्कि यह अन्य दूसरे रोगों का लक्षण भर है। यह सर्दी, न्यूमोनियां काली खाँसी, तपेदिक, दमा, ब्रोकाइटिस (श्वास नली में सूजन) प्लूरिसी और यकृत की खराबी आदि रोगों से हुआ करती है।   खाँसी के सम्बन्ध में लोकोक्ति प्रचलित है-लड़ाई की जड़ हाँसी और रोगों जड़ है खाँसी। " मोटेतौर पर यह 3 प्रकार की हुआ करती है। नोट:-खाँसी की सदैव गले और फेफड़ों के विकारों से उत्पन्न होती है। 1. सूखी खाँसी। 2. तर (बलगमी) खाँसी। 3. दौरे के रूप में आने वाली खाँसी। सूखी खाँसी:- इस खाँसी में बलगम नहीं निकलता। बहुत ज्यादा खाँसने पर थोड़ा सा ही बलगम निकल पाता है इस कारण रोगी की छाती में जकड़ाहट, महसूस होती है, ऐसी खाँसी दमा, न्यूमोनियां, तपेदिक, ब्रोंकाइटिस और प्लूरिसी की प्रथम अवस्था में आती है। तर (बलगमी खाँसी):- इस खाँसी में बलगम जरा सा खाँसने पर आराम से तथा अधिक मात्रा में निकलता है। अधिक बलगम का निकलना अच्छा नहीं होता है। ऐसी खाँसी बढ़ी हुई...