जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy.

Image
Juice Therapy रस चिकित्सा जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy. जूस थेरेपी,  Juice therapy शरीर   के शुद्धिकरण, रोग मुक्ति और शक्ति स्फूर्ति व रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी के लिए जूस थेरेपी,  Juice therapy   बेजोड़ है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में यह प्राकृतिक उपचार अपनाने से कायाकल्प हो जाता है। दोस्तो आइये जाने कुछ चुनिंदा फल-सब्जियों द्वारा जूस थेरेपी, Juice therapy  के वारे में और उनसे क्या-क्या लाभ और हानि हो सकती है कैसे इसका सेवन करें : फल-सब्जियों के रस (Juice) या रसाहार द्वारा चिकित्सा प्रायः सभी रोगों में उपयोगी हो सकती है। लेकिन इसका प्रयोग किस रूप में किसको करना चाहिए, इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य जुड़े होते हैं। रसों का प्रयोग कब करें और कब नहीं करना चाहिए यह भी जानना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि विभिन्न रसों के गुण धर्म जानना।        रस या Juice का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायी है यह तो सभी जानते हैं, लेकिन साथ ही यह भी जान...

गले में इंफेक्शन का इलाज इन हिन्दी। गले के इंफेक्शन में बरतें पूरी सावधानी।

गले के इंफेक्शन का घरेलू उपचार।

बदलते मौसम में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने लगती है और रात में सर्दी व दिन में गरमी का मिला-जुला प्रभाव कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में सामने आता है। अतः इस मौसम में सेहत की देखभाल को लेकर खासतौर पर सजग रहने की आवश्यकता होती है।

बदलते हुए मौसम में परेशानी का कारण बनने वाली समस्याओं में मुख्य है गले का इंफेक्शन। मौसम में बदलाव के दौरान अधिकांश गले में खराश की शिकायत हो जाती है, जो एक प्रकार का वायरल इंफेक्शन होता है, और इसके साथ ही हल्का सा बुखार, सुस्ती व थकान, मितली, बदन दर्द आदि लक्षण भी देखने को मिलते हैं। ऐसी दशा में निम्नलिखित उपायों को अपनाना फायदेमंद हो सकता है।

  1. गरम पानी में नमक डालकर कुल्ला व गरारे करें।
  2. भाप लें, यह अंदर जमा हुआ बलगम बाहर निकालने में मदद करती है।
  3. गरम तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें।
  4. लिक्विड भरपूर मात्रा में लेते रहना चाहिए।
  5. धूम्रपान से दूर रहना चाहिए।
  6. फ्रीज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक आदि नहीं लेना चाहिए।
  7. ज्यादा तले-भुने व मसालेदार खाने से परहेज बरतना चाहिए।
  8. छींकते-खांसते समय नाक व मुंह पर रुमाल रखना चाहिए, और ऐसे किसी मरीज से भी दूर रहें।
  9. सुपाच्य, हल्का व ताजा भोजन ही इस्तेमाल करें।
  10. सोंठ, शहद, मुलेठी, अदरक, तुलसी आदि का प्रयोग करना लाभदायी होता है।
नोट:- यदि परेशानी ज्यादा हो, तो अपनी मर्जी से दवाओं का सेवन न करें और ईएनटी स्पेशलिस्ट से संपर्क करें तथा समुचित उपचार कराएं।

धन्यवाद!

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

बवासीर का उपचार

पुरुष गुप्त रोग (Venereal disease), शीघ्र पतन (Premature ejaculation), बलवर्धक (Amplifier), मर्दाना ताकत (Manly power), ताकत की खीर (Takat ki kheer), अधिक देर तक रुकने की विधि

बेस्ट फूड हैं ड्राई फ्रूट्स । मुनक्का, अंजीर, खजूर, अखरोट, बादाम

मर्दाना शक्ति बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय। Mardana shakti badhane ke liye gharelu upaye।

कायाकल्प करने वाले चुनिंदा आयुर्वेदिक टाॅनिक (Selective Ayurvedic Tonic to Rejuvenate)