जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy.

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Juice Therapy रस चिकित्सा जूस थेरेपी द्वारा शरीर में होने वाले लाभ और हानि । Advantages and disadvantages of body through juice therapy. जूस थेरेपी,  Juice therapy शरीर   के शुद्धिकरण, रोग मुक्ति और शक्ति स्फूर्ति व रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी के लिए जूस थेरेपी,  Juice therapy   बेजोड़ है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में यह प्राकृतिक उपचार अपनाने से कायाकल्प हो जाता है। दोस्तो आइये जाने कुछ चुनिंदा फल-सब्जियों द्वारा जूस थेरेपी, Juice therapy  के वारे में और उनसे क्या-क्या लाभ और हानि हो सकती है कैसे इसका सेवन करें : फल-सब्जियों के रस (Juice) या रसाहार द्वारा चिकित्सा प्रायः सभी रोगों में उपयोगी हो सकती है। लेकिन इसका प्रयोग किस रूप में किसको करना चाहिए, इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य जुड़े होते हैं। रसों का प्रयोग कब करें और कब नहीं करना चाहिए यह भी जानना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि विभिन्न रसों के गुण धर्म जानना।        रस या Juice का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायी है यह तो सभी जानते हैं, लेकिन साथ ही यह भी जान...

जाने कितने रोगों में लाभकारी हैं, बेलपत्र। तथा इनके द्वारा उपचार (Know how many diseases are beneficial, Belpatra. And treatment.)

जाने कितने रोगों में लाभकारी हैं, बेलपत्र। तथा इनके द्वारा उपचार (Know how many diseases are beneficial, Belpatra. And treatment.)


आप बेलपत्र के बारे में तो जानते ही होंगे, और समझते भी होंगे कि इसका इस्तेमाल शिवलिंग पर चढ़ाने व पूजा करने में किया जाता है तथा बेलपत्र का इस्तेमाल कई रोगों को मिटाने के लिए जड़ी बूटी के तौर पर भी किया जाता है। आइए, जानते हैं बेलपत्र का इस्तेमाल करके क्या-क्या बेमिसाल फायदे लिए जा सकते हैं।

उपचार 

  1. बेल पत्तियों का रस बनाकर नियमित रूप से सेवन करने से सांस से जुड़ी बीमारियों में लाभ होता है। 
  2. तेज बुखार होने पर बेलपत्र का काढ़ा पीने से राहत मिलती है।
  3. बेलपत्र बालों को झड़ने से रोकने में भी मददगार है। इसके लिए रोजाना एक बेल के पत्ते को धोकर खा सकते है। जल्द ही आपको फर्क दिखना शुरू हो जाएगा।
  4. अगर बेल के पके फल को शहद और शकर मिलाकर खाया जाए, तो खून साफ होने में मदद मिलती है।
  5. शरीर से आ रही दुर्गंध को खत्म करने के लिए भी बेलपत्र का इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए बेल के पत्तों का रस पूरे शरीर पर लगाकर कुछ देर रखे फिर एक घंटे बाद नहा लें।
  6. मुंह के छाले ठीक करने के लिए पके हुए बेल के गूदे को पानी में उबाल कर ठंडा कर लें। अब इस पानी से कुल्ला करें।
  7. बेलपत्र का काढ़ा नियमित पीने से दिल मज़बूत रहता है और हार्ट अटैक की आशंका कम होती है। 
  8. बेल के रस को हल्के गुनगुने पानी में मिलाएं और इसमें शहद की कुछ बूंदें डालें। इस घोल का नियमित सेवन करने से खून साफ होने में मदद मिलती है।
  9. कहते है कि बेलपत्र की मदद से सफेद दाग भी ठीक होते हैं। बेल के गूदे में सोरलिन नामक तत्व पाया जाता है जो त्वचा की धूप सहने की क्षमता बढ़ाता है, साथ ही इसमें कैरोटीन भी पाया जाता है जो सफेद दाग हल्के करने में मदद करता है।
  10. बेलपत्र पित्त की समस्या, खुजली और त्वचा के दाग-छब्बों को भी दूर करने में सहायक है। इसके लिए बेल के रस में जीरा मिलाकर पिएं।
  11. सिर और बालों से संबंधि समस्या को भी बेलपत्र की सहायता से दूर किया जा सकता है। इसके लिए बेल के पके हुए फल के छिलके लें, उन्हें साफ करके उनमें तिल का तेल और कपूर मिलाएं। अब इस तेल को रोजाना सिर में लगाएं, इससे सिर में जूं खत्म होने के अलावा अन्य समस्याओं में भी फायदा होता है।

धन्यवाद!


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