श्वेत प्रदर (सफेद पानी) क्या है
स्त्रियों की योनी से सफेद पानी का बहना एक साधारण समस्या है।इसमें योनी से पानी जैसा स्त्राव होता है । यह रोग बडी समस्या नहीं है । लेकिन कभी-कभी यह स्त्रियों के लिए बड़ी परेशानी का बन जाती है । इसके कारण चिड़चिड़ापन, पैर-हाथ में दर्द इत्यादि का सामना करना पड़ता है । तो आइए हम जानते हैं, कि घरेलू उपायों द्वारा कैसे श्वेत प्रदर को खत्म किया जा सकता है । आपको क्या-क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए और क्या-क्या नहीं करना करना चाहिए यह हम आपको नीचे बता रहे हैं ।
श्वेत प्रदर ( सफेद पानी ) की समस्या दूर करने के घरेलू उपाय:
- सुबह-शाम 2 चम्मच प्याज का रस और उतनी हीं मात्रा में शहद मिलाकर पिएँ ।
- नागरमोथा, लाल चंदन, आक के फूल, अडूसा चिरायता, दारूहल्दी, रसौता, इन सबको 25-25 ग्राम लेकर पीस लें । पौन लीटर पानी में उबालें, जब यह आधा रह जाय तो छानकर उसमें 100 ग्राम शहद मिलाकर दिन में दो बार 50-50 ग्राम सेवन करें ।
- जीरा भूनकर चीनी के साथ खाने से फायदा होगा ।
- आंवले का रस और शहद लगातार 1 महीने तक सेवन करें ।इससे श्वेत प्रदर ठीक हो जायेगा ।
- हर दिन केला खाएँ, इसके बाद दूध में शहद डालकर पिएँ. ।इसके आपकी सेहत भी अच्छी होगी और श्राव के कारण होने वाली कमजोरी भी दूर होगी. कम-से-कम तीन महीने तक यह उपाय करें, दूध के ठंडा हो जाने के बाद उसमें शहद डालें ।
- कच्चे केले की सब्जी खाएँ ।
- अगर आपके शरीर में खून की कमी है, तो खून बढ़ाने के लिए हरी सब्जियाँ, फल, चुकन्दर इत्यादि खाएँ ।
- हर दिन कच्चा टमाटर खाना शुरू करें ।
- 1 केला लें, उसे बीच से काट लें । उसमें 1 ग्राम फिटकरी भर दें, इसे दिन या रात में एक बार खाएँ । लेकिन ध्यान रखें कि अगर दिन में खाना शुरू किया तो, दिन में हीं खाएँ । और अगर रात में खाना शुरू किया हो, तो रात में हीं खाएँ ।
- तले-भूने चीज या मसालेदार चीज नहीं के बराबर खाएँ ।
- योनी की साफ-सफाई का ध्यान रखें ।
- मैदे से बनी चीजें न खाएँ ।
- एक बड़ा चम्मच तुलसी का रस लें, और उतनी हीं मात्रा में शहद लें. फिर इसे खा लें । इससे आपको आराम मिलेगा ।
- . अनार के हरे पत्ते लें, 25-30 पत्ते…. 10-12 काली मिर्च के साथ पीस लें । इसमें आधा ग्लास पानी डालें, फिर छानकर पी लीजिए. ऐसा सुबह-शाम करें ।
- भूने चने में खांण्ड (गुड़ की शक्कर) मिलाकर खाएँ, इसके बाद 1 कप दूध में देशी घी डाल कर पिएँ ।
- 10 ग्राम सोंठ का, एक कप पानी में काढ़ा बनाकर पिएँ । ऐसा एक महीने तक करें ।
- पीपल के 2-4 कोमल पत्ते लेकर, पीस लें फिर इसे दूध में उबालकर पिएँ.
- 1 चम्मच आंवला चूर्ण लें और 2-3 चम्मच शहद लें और इन्हें आपस में मिलाकर खाएँ ऐसा एक महीने तक करें ।
- खूब पानी पिएँ ।
- सिंघाड़े के आटे का हलुआ और इसकी रोटी खाएँ ।
- 3 ग्राम शतावरी या सफेद मूसली लें, फिर इसमें 3 ग्राम मिस्री मिलाकर, गर्म दूध के साथ इसका सेवन करें ।
- माजू फल, बड़ी इलायची और मिस्री को बराबर मात्रा में पीस लें. एक सप्ताह तक दिन में तीन बार लें । एक सप्ताह के बाद फिर दिन में एक बार 21 दिन तक लें ।
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